आचार्य देवेंद्र सागरजी ने आज के  प्रवचन मे कहा  कि जैन सिद्धांत कर्म को कर्ता मानते है । प्रवचन करने से धर्म , अर्थ , काम , मोक्ष इन चार का लाभ होता है तो प्रवचन श्रवण से 8 बातों का लाभ होता है

 

1) कीर्तनमय : - आत्मा को परमात्मा से जोडना दूध और पाणी की तरह मन वचन काया के योगसे परमात्मा से एक रूप होना 

 

2) स्मृती : - मन मे देव गुरू धर्म की स्मृती 

 

3) पादसेवन : - रोज परमात्मा की चरणपुजा के साथ साथ  ही गुरू भक्ती भी करना ।

 

4) अर्चनम  : - सेवाभक्ती से आंतरिक गुण खिलते है ।

 

5) वंदनभाव :  -  समर्पण भाव बढता है निंदा करनेकी मनोवृत्ती नही होती । 

 

मुनी महापद्मसागरजी ने कहा की नमुत्थुणं सूत्र मे भगवान को धर्मसारथी कहा है बडे से बडे हाथी को भी महावत अंकुश से नियंत्रण मे रखता है वैसे ही अपने जीवन मे भी अंकुश ना हो तो जीवन बिगड़ जायेगा ।

 

हम गाडी मे बैठे हो और ड्राइवर गाडी चला रहा हो तो हम निश्चिंत होते है की वो गाडी सावधानी पूर्वक चलाके हमे मंजिल तक पहुचायेगा  उसी तरह श्रद्धा रखके अपने जीवन की लगाम प्रभु  के हाथ मे दे दो आपका जीवन संवर जायेगा ।

 

कल मंगलवार को श्रावकों के लिये गोचरी पौषध का खास आयोजन बेलगाम मे  प्रथम बार किया जायेगा जिसमे श्रावकों को एक दिन के लिये साधु जीवन जीने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा ।

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आचार्य देवेंद्र सागरजी ने आज के  प्रवचन मे कहा  कि जैन सिद्धांत कर्म को कर्ता मानते है । प्रवचन करने से धर्म , अर्थ , काम , मोक्ष इन चार का लाभ होता है तो प्रवचन श्रवण से 8 बातों का लाभ होता है

 

1) कीर्तनमय : - आत्मा को परमात्मा से जोडना दूध और पाणी की तरह मन वचन काया के योगसे परमात्मा से एक रूप होना 

 

2) स्मृती : - मन मे देव गुरू धर्म की स्मृती 

 

3) पादसेवन : - रोज परमात्मा की चरणपुजा के साथ साथ  ही गुरू भक्ती भी करना ।

 

4) अर्चनम  : - सेवाभक्ती से आंतरिक गुण खिलते है ।

 

5) वंदनभाव :  -  समर्पण भाव बढता है निंदा करनेकी मनोवृत्ती नही होती । 

 

मुनी महापद्मसागरजी ने कहा की नमुत्थुणं सूत्र मे भगवान को धर्मसारथी कहा है बडे से बडे हाथी को भी महावत अंकुश से नियंत्रण मे रखता है वैसे ही अपने जीवन मे भी अंकुश ना हो तो जीवन बिगड़ जायेगा ।

 

हम गाडी मे बैठे हो और ड्राइवर गाडी चला रहा हो तो हम निश्चिंत होते है की वो गाडी सावधानी पूर्वक चलाके हमे मंजिल तक पहुचायेगा  उसी तरह श्रद्धा रखके अपने जीवन की लगाम प्रभु  के हाथ मे दे दो आपका जीवन संवर जायेगा ।

 

कल मंगलवार को श्रावकों के लिये गोचरी पौषध का खास आयोजन बेलगाम मे  प्रथम बार किया जायेगा जिसमे श्रावकों को एक दिन के लिये साधु जीवन जीने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा ।

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